तुम आओगी
जब नैन तुम्हारे भीगेंगे
एहशास पुराने जागेंगे।।।
प्यार पुराना चीखेगा
मर्म मेरा तुम जनोगी
तुम आओगी
गोधुल वक्त कुछ बोलेगा
आवेगों को पकड़ोगी
सब्र तुम्हारा फूटेगा
जब धैर्य तुम्हारा टूटेगा
तुम आओगी
नैन तुम्हारे भिगेंगे
नयनों से नींदे जब भी भागेंगी
खुद में खो जाने का एहशास तुम्हें जब होगा
अकेले सन्नाटे से गूजरोगी
गला तुम्हारा भर आयेगा।
रात घनी हो जायेगी
घर के मन आगन में जब कोइ आजाएगा
आहट सुनती जाओगी
एहशाह मेरा सा होगा
एहसासो की खिड़की से जब बाहर को तुम झाकोगी
सपने को तुम तोड़ी हो मम्मी तुम्हे समझाएंगी
किस सपने का सपना बन जाने का राज तुम्हे बताएंगी
तब तुम आओगी
जब मुझको ना तुम पाओगी
और नींद तुम्हे ना आयेगी
प्रगाढ़ प्रेम के यादों की गुत्थी में ,
घुलना जब भी चाहोगी
शहर तुम्हारा पुछेगा
घर के पिछली खिड़की में परछाई भी बन जाएगी
अन्दर कंही बसा हूं खुद में जब भी ढूंढोगी
जब खुद से खुद में घुल जाओगी
फिर भी मेरे यार , मुझे ना तुम पाओगी।
छज्जे से अंजान कोई दिख जायेगा
दूधली सी पहचान कोई दिख जाएगी
आहट मुझसा दिखलायेगा
जब भी दस्तक होगी दरवाजे पे
नन्हे पैरो से भाग वहीं तुम जाओगी पर
तुमसे अवरोध तुम्हारा आ जायेगा
नयनों से उद्देग तुम्हारा छलकेगा
रातों को जब नींद तुम्हारी गायब होगी
सन्नाटे से अंधेरे में फोन तुम्हारा बज जायेगा
घंटो यादों से जब घिर जाओगी
मेरा नाम सामने यूं आ जायेगा
लांखो समझाने पर तुमको समझ तो कुछ भी ना आ पाएगा
तुमने किसको छोड़ा है यह बात तुम्हारे नयनों से पलकों तक रह जाएगी
तुम चिखोगी चिल्लाओगे पर यह मौन व्यथा kise सुनाने जाओगी
आना तो तुम चाहोगी पर मै ना तुम्हे बुलाऊंगा
आना तो तुम चाहोगी ,तब तुम ना आ पाओगी
याद करोगी खुद को जब। ना जाने क्या से क्या बन जाओगी
फरेब तुम्हारी दुनिया होगी,मखलुख ।
तुम्हारी झूठी होगी,
किस किस को प्रिये सताओगी
उस दिन तुमको सबकुछ दिख जायेगा
क्या इस किस्से का अंत कंही छुप पायेगा
किसी के सपने का कुछ हिस्सा अपना सा होगा
Liberty पर speech सुनाता कोई दिख जाएगा
याद करोगी मुझको पर तब तक दिन ढल जाएगा
पूरी रात समझने वाला कोई निश्चल प्रेमी ना मिल पाएगा
नदिया होंगी पर झुरमुट वीरान दिखाई देगा
प्रेम परवाह तो होगा पर तुम्हारा उपवन वीरान दिखाई देगा
याद करोगी हर दिन ,फिर भी तुम्हारा आंगन सुनसान दिखाई देगा
आना तो तुम चाहोगी पर मै ना तुम्हे बुलाऊंगा
सलीनाता भरी लफानियत किस किस को सुनाने जाओगी
जिसमे तुम अनुरागी होगी ,मौन प्रेम सा भागी
प्रेम सदा से होगा, ख्वाबों में भी प्रेमी ना तुम पाओगी
याद तुम्हे तब भी सब कुछ होगा पर ,
यादों के स्लेटों पर पानी तुम्हीं फिराओगी
आना तो तुम चाहोगी पर मै ना तुम्हे बुलाऊंगा
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