Showing posts with label 2.women empowerment. Show all posts
Showing posts with label 2.women empowerment. Show all posts

5 Dec 2020

3. route

ना जाने क्यूं तुमको नारी बनाया जाएगा
शक्ति दुर्गा ना जाने  किस किस से नवाजा जायेगा

हक तुम्हारा तुमसे छुपाने की हर संभव कोशिश की जाएगी
पर देखना सब कुछ होकर भी दरिंदगी तुम पर ही आजमाई जाएंगी

तुम्हारे तलवों से सीराने तक एक दीवार बनाई जाएगी
उस दीवार की निव में दफन होंगे तुम्हारे सपने

जो तुम्हे उणा  सकते हैं एक आज़ाद चिड़िया की तरह
उन पंखों को कुतरने की हर संभव कोशिश की जाएगी



जिससे तुम  भरना चाहती हो   कप्लना की उड़ान
एक दीवार छद्म दीवार जो ना कभी दिखलाई जाएगी
तुम्हारी सालीनटा, सहजता, आबरू उसकी नींव होंगी
मर्यादाओं और संवेदनाओं के दो पिलर बनाए जाएंगे

समरसता तुम्हारी आंखों में होगी, हया से उस दीवार की ताजें सजाई जाएंगी
लोक लाज और मौन तुम्हारा ,  छत की मोटी ढाल बनेगी

तुम्हारी ऊंची आवाज़ें दीवारों में दरारें बना सकती हैं
वो सर्ट भी  बाशर्ट तुमसे पूछी जाएगी
कुछ बिना तुम्हारे हक का ध्यान दिए फैसले का विषय बताएंगी औरकुछ  तो तुम्हारे अस्तित्व पर ही सवाल उठांयेगी
किस्से कब कितना कहना सुनना है सबकुछ  नापा तौला जायेगा

तुमको समझाने में लोक लाज़ के किस्से तुम्हे सुनाए जाएंगे 
 कहने को तुम आज़ाद हो तुमसे 
 कंगन कभी बुर्का तुम्हे पहनाया जायेगा  

ज़रा बताना को शख्स कौन था
जिसने तुम्हे आजादी दी
और मुझे कैद रहना शिखा दिया 
वो कौन था 

जिसने तुम्हे इल्म बख़्शे मुझे जाहिल बना गया
ज़रा बताना वो शख्स कौन था 
जिसने तुम्हे तकरीरों बक्शी  मुझे गैर मुद्दाकी कर गया 


ज़रा बताना वो शख्स कौन था, 
उसने तुम्हे पूरी दुनिया बक्शी मुझे किराए का मेहमान कर गया
 क्या तुम उससे कभी पुछना नही चाहोगी 
 
ऐसे तरीकों, तकरीरों को ना समझ जाए तो
इल्मो अफसानो को ना माना जाए तो क्या

तुमपे अफसाने ना लिखे जाएं तो क्या
तुमको दहलीज़ों में ना बाधा जाए तो क्या
तुमको बातों से ना परखा जाए तो क्या
तुम्हारे मूवमेंट से  चरित्र ना भापा जाए तो क्या